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T-29/43 उसने कुछ यूँ रिहा किया है मुझे-वर्तिका

उसने कुछ यूँ रिहा किया है मुझे
जैसे ख़ुद में पिरो रहा है मुझे

खेल अब ये बिगाड़ना है मुझे
‘अपने अंजाम का पता है मुझे’

लत न लग जाए ख़ाब की, बचना
मेरी नींदों का मशविरा है मुझे

उतरा सागर उदास लगता है
चाँद पानी में घोलना है मुझे

मैं ने ही तो बिछाई है ये बिसात
अपने अंजाम का पता है मुझे

यां की आबो-हवा भली है अभी
तितलयों ने बता दिया है मुझे

और गहरे हुए मिरे अक्षर
तुम ने जब भी मिटा दिया है मुझे

उसने यादें उधेड़ कर मेरी
अपने स्वेटर में बुन लिया है मुझे

कैक्टस जैसी याद हूँ और वो
रोज़ अश्कों से सींचता है मुझे

मुझ को हैरत है किस लिए ये घर
रोज़ हैरत से देखता है मुझे

मेरा हर वार जानता है वो
उसकी हर ढाल का पता है मुझे

वर्तिका 09920422736

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10 comments on “T-29/43 उसने कुछ यूँ रिहा किया है मुझे-वर्तिका

  1. लाजवाब ग़ज़ल कही है।
    मुबारक़बाद

  2. मैं ने ही तो बिछाई है ये बिसात
    अपने अंजाम का पता है मुझे
    Waah waah kya umda girah lagaayo hae vartika ji…
    Dheron daad hazir hae..
    Sadar
    Pooja

  3. Bahut lajawab gazal hui vartika ji
    Dili daad qubul kijiye

  4. और गहरे हुए मिरे अक्षर
    तुम ने जब भी मिटा दिया है मुझे

    मुझ को हैरत है किस लिए ये घर
    रोज़ हैरत से देखता है मुझे

    मेरा हर वार जानता है वो
    उसकी हर ढाल का पता है मुझे

    वर्तिका जी ….अहा …बहुत अच्छे अच्छे शेर पढ़ाए आपने ….वाह वाह …

    अगर ये पहली ग़ज़ल है तो …आगे आने वाली ग़ज़लें कैसी होंगी ?

    इंतज़ार रहेगा ….

    सादर

  5. vartikaa ji !! Agar pehali ghazal hai to kamaal kiyaa hai !! in sheron par khaas daad !!
    लत न लग जाए ख़ाब की, बचना
    मेरी नींदों का मशविरा है मुझे
    कैक्टस जैसी याद हूँ और वो
    रोज़ अश्कों से सींचता है मुझे-
    –mayank

  6. Subhan Allah Vartika Ji..Jhande gadh diye aapne…waah waah..har sher behad khoobsurat ban pada hai.

  7. खुश आमदीद वर्तिका
    बेहतरीन आग़ाज़
    मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये

  8. बहुत खूब वर्तिका जी | शानदार ग़ज़ल हुई है |
    अलग तेवर हैं आपमें शेर कहने के |
    बहुत बहुत मुबारकबाद और भविष्य की शुभकामनायें |
    सत्य चंदन

  9. shandar ग़ज़ल व्रतीका जी

  10. वर्तिका, पहली ग़ज़ल और ऐसी ? ? ? ? ? ? ? हर शेर भरपूर, तगड़ा वार, कलेजा काटने वाला। बेटा आपने ढेर सारी उम्मीदें बांध दीं। लगातार काम कीजिये। हज़ारों दाद

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