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T-29/18 इस ज़माने से कब गिला है मुझे-आयुष शर्मा ‘चराग़’

इस ज़माने से कब गिला है मुझे
ग़म तो कुछ और सालता है मुझे

मेरी अपनी ज़रूरतें भी हैं
आप ने क्या समझ रखा है मुझे

दोस्त बाक़ी तो सिर्फ़ नाम के थे
ग़म तो बस आपसे मिला है मुझे

जान देने को प्यार कहते हो
प्यार तो इससे भी सिवा है मुझे

मुझको अंजाम से डराओ मत
“अपने अंजाम का पता है मुझे”

हर किसी बात पर बिगड़ता हूँ
क्या कोई ज़ख़्म खा रहा है मुझे

हिज्र भी डाल राहे-उल्फ़त में
क्या करूंगा ये देखना है मुझे

डॉक्टर वॉक्टर तो हार गए
तुम बताओ ‘चराग़’ क्या है मुझे

आयुष शर्मा ‘चराग़’ 09953925743

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26 comments on “T-29/18 इस ज़माने से कब गिला है मुझे-आयुष शर्मा ‘चराग़’

  1. हर किसी बात पर बिगड़ता हूँ
    क्या कोई ज़ख़्म खा रहा है मुझे

    अच्छी ग़ज़ल है आयुष जी …बहुत शुभकामनायें

  2. bahut khoob…kya kahne

  3. Khoobsurat gazal ke liye daad kubool kare!!

  4. क्या बात है आयुष
    बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है
    ढेर सारी दाद

    आलोक

  5. दोस्त बाक़ी तो सिर्फ़ नाम के थे
    ग़म तो बस आपसे मिला है मुझे
    दोस्त,चाँद,ज़िन्दगी,मय – शाइरी के बहुत सारे आधार स्तम्भ शब्द हैं –इनको हज़ार रंगों मे एक्सप्लोर किया गया है शाइरी में बहुत खूब !!
    जान देने को प्यार कहते हो
    प्यार तो इससे भी सिवा है मुझे
    वाह !! ये ख्याल भी अपने पूर्ववर्ती ख्यालों से सिवा है !!
    डॉक्टर वॉक्टर तो हार गए
    तुम बताओ ‘चराग़’ क्या है मुझे
    बगैर कहे कह दिया कि ये रोग इश्क है !! वाह वाह
    आयुष ‘चराग़’ भाई !! मुबारक्बाद क़ुबूल कीजिये !! –मयंक

    • मयंक जी
      बहुत बहुत शुक्रिया !!!
      बेहद शुक्रगुज़ार हूँ।
      🙏🙏🙏

  6. अच्छे शेर कहे हैं भाई..बधाई !!

  7. Bahut khoob. Waah waah.

  8. Achi ghazal hui hai ayush bhai
    हिज्र भी डाल राहे-उल्फ़त में
    क्या करूंगा ये देखना है मुझे
    kya kehne..waah
    Kanha

  9. Kya hi lajawab ghazal kahi hai dost
    Wahhhhhhh Wahhhhhhh
    Dili daad qubul kijiye

  10. अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई ……………………

  11. हिज्र भी डाल राहे-उल्फ़त में
    क्या करूंगा ये देखना है मुझे
    Waah…achchi gazal hui hae aayush bhai…dili mubarakbaad
    Pooja

  12. acchi ghazal hai ayush…. Kya kahne…

  13. वाह-वाह चराग़, अच्छी ग़ज़ल कही। इसी तरह आगे बढ़ते रहिये। मां सरस्वती आप पर कृपा बनाये रखेंगी।

    • दादा आपसे ये सुनना मानो सनद मिल गयी….
      ममनून हूँ…..
      अपना स्नेहिल आशीष बनाये रखियेगा…..

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