45 टिप्पणियाँ

T-29/8 सारी शब ढूंढता फिरा है मुझे-पूजा भाटिया

सारी शब ढूंढता फिरा है मुझे
ख़ाब इक चाहने लगा है मुझे

अब तो कुछ भी हो डर नहीं लगता
“अपने अंजाम का पता है मुझे”

मैं उसे देखती रहूं इक टुक
यानी बस उस को देखना है मुझे

अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

जिसने खोया हो आ के ले जाए
चाँद कल रात इक मिला है मुझे

लुत्फ़ जो है समेटने में है
सो वो पागल बिखेरता है मुझे

एक लड़का था..एक लड़की थी
ये कहानी थी इक.. पता है मुझे

जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे

पूजा भाटिया 08425848550

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45 comments on “T-29/8 सारी शब ढूंढता फिरा है मुझे-पूजा भाटिया

  1. मैं उसे देखती रहूं इक टुक
    यानी बस उस को देखना है मुझे

    कमाल का शेर कहा पूजा जी, अहा…..वाह वाह वाह

    जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
    फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे

    बहुत अच्छी ग़ज़ल कही आपने , हार्दिक बधाई

  2. अब तो कुछ भी हो डर नहीं लगता
    “अपने अंजाम का पता है मुझे”

    अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

    जिसने खोया हो आ के ले जाए
    चाँद कल रात इक मिला है मुझे

    लुत्फ़ जो है समेटने में है
    सो वो पागल बिखेरता है मुझे

    एक लड़का था..एक लड़की थी
    ये कहानी थी इक.. पता है मुझे

    जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
    फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे

    वाह पूजा जी …. लाजवाब ग़ज़ल हुई है….बहुत बहुत बधाई….

  3. अब तो कुछ भी हो डर नहीं लगता
    “अपने अंजाम का पता है मुझे”

    अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

    जिसने खोया हो आ के ले जाए
    चाँद कल रात इक मिला है मुझे

    लुत्फ़ जो है समेटने में है
    सो वो पागल बिखेरता है मुझे

    एक लड़का था..एक लड़की थी
    ये कहानी थी इक.. पता है मुझे

    जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
    फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे

    वाह पूजा जी …. लाजवाब ग़ज़ल हुई है….बहुत बहुत बधाई….

  4. Dhero daad!! Behtareen gazal huyi hai!!

  5. क्या कहने ..क्या कहने
    पूरी की ग़ज़ल ही उमदा
    वाह्ह वआह्ह

    दिली दाद

    आलोक

  6. Mukammal ghazal hai pooja ji. Range taghazzul har sher me jhalak raha hai.bade saleqe se sher kaha hai aapne. Mubarak ho.

  7. लाजवाब ग़ज़ल हुई है।
    कमाल की गिरह लगाई है, हर शेर उम्दा।
    दाद हाज़िर है।

  8. जिसने खोया हो आ के ले जाए
    चाँद कल रात इक मिला है मुझे POOJA JI, KYA UMDA SHAAR GHAZAL MEN DIYE HAIN. MUBARAKBAD QUBOOL FARMAYEN

  9. अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

    पूजा जी,
    सारी ग़ज़ल बहुत ख्‍ूब हुई है लेकिन ये शे’र जिस असुरक्षा की ओर इशारा करता है और आपने जिस खूबसूरती से इसे कहा है, उससे बात ही और हो गई।
    वाह…वाह।

  10. पूजा जी
    अच्छी गिरह बंधी है ।
    इन शेरों पर हमारी बधाई कुबूल फरमाएं ।

    लुत्फ़ जो है समेटने में है
    सो वो पागल बिखेरता है मुझे

    एक लड़का था..एक लड़की थी
    ये कहानी थी इक.. पता है मुझे

    जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
    फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे

  11. प्रिय प्रीत,

    अल्फाज़ों की तहज़ीब का दूसरा नाम हैं आपकी यह ग़ज़ल

    शुक्रिया
    वक़्त की बात को अपने अंदाज़ में कहने का सलीका अब आपकी पहचान हैं।

    आमीन

  12. pooja is ghazal me saaf saaf nazar aa rahi hai !! wo shairi sachchi hai jisame apaki pani tasweer dikhai de !! in sheron par khaas daad !!
    सारी शब ढूंढता फिरा है मुझे
    ख़ाब इक चाहने लगा है मुझे

    अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे-wah !!

    एक लड़का था..एक लड़की थी
    ये कहानी थी इक.. पता है मुझे- bahut umda !!
    duago -mayank

  13. अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

    वाह, लाज़बाब पूजा जी ।

  14. एक लड़का था..एक लड़की थी
    ये कहानी थी इक.. पता है मुझे

    जब वो बहकी थी तब नदी सी थी
    फिर हुआ क्या ये जानना है मुझे
    वआआआःह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् लाज़वाब ग़ज़ल हुई पूजा जी मुबारक बाद कबूल कीजिये

  15. अब वो डरता है, खो न जाऊं मैं
    उसने ख़ुशबू बहुत लिखा है मुझे

    Kya kahun ? Sab kuchh to keh dala aapne apni ghazal men ? Lajawab Pooja ji…jiti rahiye…

  16. Pooja… jab khayaal aur lafz apni behtareen jugalbandi karte hain to aisi achchi ghazal hasil hoti hai… aur aisi khushi haasil hoti hai jise bayaan nahi kiya ja sakta… be-laus masarrat ka chashma yahin se phoot’ta hai… dili mubarak baad

  17. kya hi achchi ghazal hui pooja Ji
    khoob saari daad
    aur
    mubarakbaad

  18. दिन ब दिन निखरता हुआ लहजा, एक नदी बहाव पर आती जा रही है।

    आपसे घर महकने लगा है। आप स्वप्निल का नाम रौशन करेंगी। जीती रहिये।

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