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T-26/20 तिरा शौक़े-दीदार पैदा हुआ है-पवन कुमार

हज़रते-मुसहफ़ी की ग़ज़ल जिसकी ज़मीन को तरह किया गया

तिरा शौक़े-दीदार पैदा हुआ है
फिर इस दिल को आज़ार पैदा हुआ है

सदा पान खा खा के निकले है बाहर
ज़माने में ख़ूँख़ार पैदा हुआ है

ये मदफ़न है किसका जो हर लाला यां से
जिगर-ख़ूँ दिल-अफ़गार पैदा हुआ है

उड़ाये हैं लख़्ते-जिगर आह ने जब
हवा में भी गुलज़ार पैदा हुआ है

मैं क्यूँकर न रक्खूँ अज़ीज़ अपने दिल को
कहीं दिल सा भी यार पैदा हुआ है

कहे थी ये तिफ़्ली में देख उसको दाया
ये लड़का तरहदार पैदा हुआ है

मैं आया हूँ मुद्दत में कुई उससे कह दो
तुम्हारा गुनहगार पैदा हुआ है

ये दिल मुझसे लड़ता है तेरी तरफ़ से
कहाँ का तरफ़दार पैदा हुआ है

मियां ‘मुसहफ़ी’ बेचते हो जो दिल को
तो लाओ ख़रीदार पैदा हुआ है

———————————–

पवन कमर साहब की तरही ग़ज़ल

तिरा शौक़े-दीदार पैदा हुआ है
नया दिल में आज़ार पैदा हुआ है

बिकेंगे यहाँ जिन्स की तरह रिश्ते
हर इक घर में बाज़ार पैदा हुआ है

मुझे भी पुकारा है आज इक सदा ने
मिरा भी तलबगार पैदा हुआ है

कहानी को दिलचस्प कर के रहेगा
नया जो ये किरदार पैदा हुआ है

है मंसूब यादों से मेरी वो लम्हा
जो मिट कर कई बार पैदा हुआ है

मुख़ालिफ़ है लेकिन वो कहता है मेरी
ये कैसा तरफ़दार पैदा हुआ है

हिजाबों से निकलो तो कुछ बात भी हो
तकल्लुफ़ से कब प्यार पैदा हुआ है

पवन कुमार 09454417575

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10 comments on “T-26/20 तिरा शौक़े-दीदार पैदा हुआ है-पवन कुमार

  1. पवन भाई मैं बहुत ख़ुश हूँ। यह ग़ज़ल तो अच्छी है ही, आप ने इसी ज़मीन पर ब्रज-गजल भी कही है, उस कारण से बेहद ख़ुश हूँ। मञ्ज़रे-आम पर उस ब्रज-गजल के आने का इन्तज़ार है।

  2. प्यारी ज़मीन और अच्छी ग़ज़ल। वाह वाह ढेरों दाद क़ुबूल फ़रमाइये

  3. मुझे भी पुकारा है आज इक सदा ने
    मिरा भी तलबगार पैदा हुआ है

    कहानी को दिलचस्प कर के रहेगा
    नया जो ये किरदार पैदा हुआ है

    वाह वाह क्या खूब भैया ..दाद

  4. ख़ूबसूरत ग़ज़ल कही पवन साहब।
    शेर दर शेर दाद हाज़िर है।

    • बहुत शुक्रिया द्विज साहब
      मुहब्बतें बनाये रखिये

  5. जनाब पवन कुमार जी वाह वाह वाह बहुत खूब। शानदार ग़ज़ल कही है आपने शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें

    समर कबीर

    • बहुत शुक्रिया
      मुहब्बतें बनाये रखिये आज ही आपका मज़्मुआ समरा मिला है ,
      जल्द ही पढ़कर प्रतिक्रिया दूंगा !

  6. कहानी को दिलचस्प कर के रहेगा
    नया जो ये किरदार पैदा हुआ है
    Wahhhhhhh Wahhhhhhh
    Bahut achi gazal hui sir
    dili daad qubul karen

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