10 टिप्पणियाँ

दो ग़ज़ले –मयंक अवस्थी

ग़ज़ल –1

फिर भी कद मेरे ही शाइर का बडा रहता है
जबकि ये ऊँट पहाडों में खडा रहता है

बद्ज़ुबाँ है वो मगर सच भी वो ही कहता है
उसकी तलवार में हीरा भी जडा रहता है

तू भी ग़ालिब है अदीबों की किसी गुमटी का
मेरे दर पर भी कोई मीर खडा रहता है

मौत के बाद कोई फिक्र नहीं बचती है
कब्र में एक खजाना ये गडा रहता है

आ ही जाता है तसव्वुर से ज़मीं पर शाइर
आलमे-ख़्वाब किताबों मे पडा रहता है

मेरी चुप्पी पे सयाने हैं सभी सख़्त मगर
कुछ का इज़हार ज़ियादा ही कडा रहता है

अब तलक किसने तेरा हुस्न सरापा देखा
दिल मगर दिल है, इसी ज़िद पे अडा रहता है

ग़ज़ल –2

ज़िन्दगी, कब तेरे कूचे से गुज़र पाये हम
इसलिये जी न सके और न मर पाये हम

उम्र बस ज़ब्त की सरहद पे गुज़ारी हमने
आपसे प्यार का इज़हार न कर पाये हम

आइने टूट गये हम से मुख़ातिब होकर
चाह कर भी न किसी तौर संवर पाये हम

मौत की फिक्र ने पाबन्द किया है वर्ना
ज़िन्दगी तेरे सुधारे न सुधर पाये हम

ले के मोती की तलब फिर रहे साहिल साहिल
सोचिये क्या कभी दरिया में उतर पाये हम

भौंक कर देख ले चाहे तो खलीफा खुद भी
उसके कुत्ते के डराये तो न डर पाये हम

खुद को खोने का कलेजा ही नहीं था हममे
खुदकुशी, कर के इरादा भी न कर पाये हम

मयंक अवस्थी( 7897716173 & 8765213905)

Advertisements

10 comments on “दो ग़ज़ले –मयंक अवस्थी

  1. Mayank Awasthi saheb. Aap to bus kamaal karte hain + shairi hasbe haal karte hain.
    ek ek sheir padh kar bahut achcha laga. mubarakbad.

  2. मयंक जी
    दोनों ही ग़ज़लें कमाल है।
    ढेर सारी दाद क़ुबूल फरमाइए।
    सादर
    पूजा

  3. क्या बात है मयंक साहब… दोनो ग़ज़लों के तेवर नयापन लिये हुए हैं… मुबारकबाद

  4. आइने टूट गये हम से मुख़ातिब होकर
    चाह कर भी न किसी तौर संवर पाये हम

    मौत की फिक्र ने पाबन्द किया है वर्ना
    ज़िन्दगी तेरे सुधारे न सुधर पाये हम

    ले के मोती की तलब फिर रहे साहिल साहिल
    सोचिये क्या कभी दरिया में उतर पाये हम
    Wahhhh wahhhh
    Sir bahut achi gazalen hain
    dili daad qubul kijie
    Sadar

Your Opinion is counted, please express yourself about this post. If not a registered member, only type your name in the space provided below comment box - do not type ur email id or web address.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: