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T-23/25 ये आग तीरगी की लगाई हुई तो है-पूजा भाटिया

ये आग तीरगी की लगाई हुई तो है
उसकी भी रौशनी से लड़ाई हुई तो है

सारे निशाँ रफ़ू के गवाहों में हैं शुमार
“ये ज़ख़्मे-दिल है इसकी दवाई हुई तो है”

इस बात का सुकूँ है कि तन्हा नहीं हूँ मैं
शब की ही ये सहर भी सताई हुई तो है

आंधी पे एतमाद सबक़ दे गया मुझे
बुझते चराग़ से ये कमाई हुई तो है

तितली को ग़म ये था कि बताई नहीं उसे
वो बात जो गुलों को बताई हुई तो है

अब और क्या करूँ मैं बता तेरे वास्ते
महफ़िल ये जुगनुओं से सजाई हुई तो है

है दश्त का उसूल कि ख़ामोश सब रहें
धड़कन हरेक दिल ने दबाई हुई तो है

क़िस्मत को आज़मा लूँ चलो एक बार और
इक राह गर्दिशों की सुझाई हुई तो है

बंजर सी हो गयी है धुनें सब तिरे बग़ैर
हर साज़ तक यूं अपनी रसाई हुई तो है

पूजा भाटिया 08425848550

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18 comments on “T-23/25 ये आग तीरगी की लगाई हुई तो है-पूजा भाटिया

  1. अल्लाह महफूज़ रखे तेरे हर लफ्ज़ को
    कैसे मेहसूस करते को इस दर्द को

    बहुत बहुत बधाई हर एक शेर के लिए

  2. आंधी पे एतमाद सबक़ दे गया मुझे
    बुझते चराग़ से ये कमाई हुई तो है

    क्या बात है पूजा जी
    बहुत खूब!!
    सुन्दर ग़ज़ल के लिए बधाई

  3. आंधी पे एतमाद सबक़ दे गया मुझे
    बुझते चराग़ से ये कमाई हुई तो है

    Kya hi achcha sher hai pooja ji.
    Daad kubool kijiye.

  4. पूजा जी,
    बहुत अच्‍छी ग़ज़ल के लिए दाद ही दाद।
    वाह..क्‍या ही अच्‍छे निकाले आपने।
    सादर
    नवनीत

  5. kya kehne hain..behad umdaa ghazal Puja ji ..dhero’n mubarakbad
    -Kanha

  6. ये आग तीरगी की लगाई हुई तो है
    उसकी भी रौशनी से लड़ाई हुई तो है

    सारे निशाँ रफ़ू के गवाहों में हैं शुमार
    “ये ज़ख़्मे-दिल है इसकी दवाई हुई तो है”

    इस बात का सुकूँ है कि तन्हा नहीं हूँ मैं
    शब की ही ये सहर भी सताई हुई तो है

    बंजर सी हो गयी है धुनें सब तिरे बग़ैर
    हर साज़ तक यूं अपनी रसाई हुई तो है

    अहा हा क्या दिलचस्प और अनूठा अंदाज़े बयां है – लाजवाब – बेजोड़ ! हर शेर ढेरों दाद के काबिल है। इस निहायत खूबसूरत ग़ज़ल के लिए आपकी जितनी तारीफ़ की जाय काम होगी – जियो।

    • हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया नीरज जी।
      सादर
      पूजा

  7. Pooja ji bahut khoob Ghazal …mubarakbaad..

  8. बहुत खूबसूरत ग़ज़ल..
    बहुत उम्दा !!

  9. WAhhhhh wahhhhhhhh
    BAhut pyari gazal hui pooja ji
    DIli daad kubul kijiye

    SAdar

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