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T-23/9 हर शय में उनकी याद समाई हुई तो है-मुनव्वर अली ‘ताज’

हर शय में उनकी याद समाई हुई तो है
अहले-नज़र की राहनुमाई हुई तो है

उल्फ़त के आंसुओं से धुलाई हुई तो है
‘ये ज़ख़्मे-दिल है इसकी सफ़ाई हुई तो है’

आने से उनके आज पराई हुई तो है
फ़ुर्क़त की ख़ैरियत से विदाई हुई तो है

बैठो ज़रा सुकून से लफ़्ज़ों की छाँव में
महफ़िल ग़ज़ल की हमने सजाई हुई तो है

मिसरे महक रहे हैं गुलाबी ख़याल से
इनमें किसी की याद समाई हुई तो है

आना है जिसको आये सुख़न के दयार में
दीवारे-इख़्तिलाफ़ गिराई हुई तो है

हमने रखा जगा के क़लम से समाज को
हमसे ये लाज़वाल भलाई हुई तो है

बेग़ैरती की हद से गुज़रने के बावजूद
दिल्ली में ढोंगियों की रसाई हुई तो है

फिर भी फँसी हुई है ये कर्मों की क़ैद में
दुनिया से आत्मा की रिहाई हुई तो है

अल्ला मुआफ़ कर दे हमारे क़ुसूर को
हमसे भी नेकियों में बुराई हुई तो है

कमतर समझ लिया है ‘मुनव्वर’ ने ‘ताज’ को
बेहतर बशर से उसकी जुदाई हुई तो है

मुनव्वर अली ‘ताज’ 09893498854

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14 comments on “T-23/9 हर शय में उनकी याद समाई हुई तो है-मुनव्वर अली ‘ताज’

  1. Achchi ghazal ke liye mubaarak taaj bhaai.

  2. मिसरे महक रहे हैं गुलाबी ख़याल से
    इनमें किसी की याद समाई हुई तो है

    Kya kehne hain …waah

  3. मुनव्वर साहब, मक्‍़ते की दाद अलहदा से।

  4. वाह…बेहतरीन ग़ज़ल।
    भरपूर दाद हाजि़र है जनाब।
    सादर
    नवनीत

  5. बहुत ख़ूब मुनव्वर साहब

  6. बहोत उम्दा अशआर निकले हैं जनाब…बाह

  7. BAhut khub gazal hui sahab
    DIli daad kubul kijiye

  8. Taaj Sahab, bahot khoob Gazal kahi aapne..
    khas taur se yeh sher bahot pasand aaye ..

    बैठो ज़रा सुकून से लफ़्ज़ों की छाँव में
    महफ़िल ग़ज़ल की हमने सजाई हुई तो है

    मिसरे महक रहे हैं गुलाबी ख़याल से
    इनमें किसी की याद समाई हुई तो है

    आना है जिसको आये सुख़न के दयार में
    दीवारे-इख़्तिलाफ़ गिराई हुई तो है

  9. मिसरे महक रहे हैं गुलाबी ख़याल से
    इनमें किसी की याद समाई हुई तो है..waah

  10. बहुत ख़ूब साहब
    बेहतरीन पेशकश

  11. मुनव्वर अली ‘ताज’ SAHAB UMDA GHAZAL KAHI HAI AAP NE MUBAARAKBAAD

  12. kya khoob ghazal huyi hai…Taj sahib…matla kya shandaar huwa hai…baaqi ashaar bhi khoob haiN

  13. बैठो ज़रा सुकून से….
    खूब कहा है ताज साहब
    मुबारकबाद क़ुबूल करें
    सादर
    पूजा

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