17 टिप्पणियाँ

T-23/1 नेअमत ये हुस्ने-यार से पाई हुई तो है-‘समर कबीर’

नेअमत ये हुस्ने-यार से पाई हुई तो है
देखो, बहार ज़ख़्मों पे आई हुई तो है

अब देखिये नसीब से मिलता है क्या हमें
महफ़िल में उनकी आज रसाई हुई तो है

हैरतज़दा हैं किस लिये, पहचानते नहीं
बस्ती ये आप ही की जलाई हुई तो है

है आज तेरे पास ये दौलत जो बेशुमार
ईमान बेच कर ही कमाई हुई तो है

ये जान जाए या कि रहे, पाऐंगे तुम्हें
धुन ऐसी अपने सर में समाई हुई तो है

हम फ़र्क़ करने वाले भला कौन हैं मियाँ
हर चीज़ अपने रब की बनाई हुई तो है

गर देखना हो तुझ को क़यामत तो देख ले
आफ़त इक आसमान से आई हुई तो है

हम जिस पे.चल रहे हैं बसद एहतरामे-इश्क़
ये राह भी तुम्हारी दिखाई हुई तो है

“ग़ालिब” के भी चचा हैं जनाबे-‘समर कबीर’
अफ़वाह ये किसी की उड़ाई हुई तो है

‘समर कबीर’ 09753845522

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17 comments on “T-23/1 नेअमत ये हुस्ने-यार से पाई हुई तो है-‘समर कबीर’

  1. हम जिस पे.चल रहे हैं बसद एहतरामे-इश्क़
    ये राह भी तुम्हारी दिखाई हुई तो है

    Badhiya sher..
    Mubaarak Samar Bhai.

  2. आप सभी हज़रात का मैं तहे दिल से शुक्रगुज़ार हुं कि आप ने मेरी गज़ल को अपना क़ीमती वक़्त दिया और मेरी हौसला अफज़ाई की

  3. समर कबीर साहब।
    वाहह…वाहह।
    बहुत उम्‍दा ग़ज़ल।
    मत्‍ले से लकर मक्‍़ते तक।
    भरपूर दाद।
    सादर
    नवनीत

  4. ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है जनाब समर साहब। दाद कुबूल कीजिए

  5. हम फ़र्क़ करने वाले भला कौन हैं मियाँ
    हर चीज़ अपने रब की बनाई हुई तो है… वाह कबीर साहब वाह

  6. Kabir Sab, khoobsurat gazal hai
    yeh sher khas taur se pasand aaya ..

    हम फ़र्क़ करने वाले भला कौन हैं मियाँ
    हर चीज़ अपने रब की बनाई हुई तो है

  7. नेअमत ये हुस्ने-यार से पाई हुई तो है
    देखो, बहार ज़ख़्मों पे आई हुई तो है

    JAANDAR MATLA SHANDAAR GHAZAL, MUBAARAKBAAD

  8. khoobsoorat ghazal…ashaar aik se aik badh kar…lutfandoz huwa…kya kahne…wahhhh

  9. हम जिस पे.चल रहे हैं बसद एहतरामे-इश्क़
    ये राह भी तुम्हारी दिखाई हुई तो है

    Waah Kya achhi ghazal hai Samar Sahab… Tarahi ki bahut achhi shuruaat hui…

    Mubaraqbaad

  10. आदरनीय समर कबीर जी, खुबसुरत ग़ज़ल के लिए बधाई कबूल करें

  11. जनाब समर कबीर साहेब बेहद खूबसूरत रवाँ ग़ज़ल हुई है हर शेर के लिये दाद हाज़िर है- शिज्जु शकूर

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