6 टिप्पणियाँ

छुप के किरनों में सदा दें तुमको-स्वप्निल तिवारी ‘आतिश’

छुप के किरनों में सदा दें तुमको
जी में आता है जगा दें तुमको

मेरे साहिल पे न लिक्खी जाओ
मेरी लहरें न मिटा दें तुमको

रोज़ इक शाम का है ख़र्च इन पर
ख़ाली कर दें न ये यादें तुमको

वस्ल की शब में कहा था उसने
आओ इक ख़ाब जुदा दें तुमको

नींद के बाग़ में आओ इक दिन
अपने कुछ ख़ाब चखा दें तुमको

दिल के आँगन में किसी दिन यादें
शोर की तरह मचा दें तुमको

ज़िन्दगी ! ख़त्म करें ये रिश्ता ?
अबके बिछड़ें तो भुला दें तुमको ?

तुम जहां रक्खो सितारे अपने
हम वो छोटा सा ख़ला दें तुमको

शहरे-दिल में तो नये हो ग़म तुम
आओ ये शह्र घुमा दें तुमको

आग तुम ही से है लगनी ‘आतिश’
यार कैसे न हवा दें तुमको

स्वप्निल तिवारी ‘आतिश’ 08879464730

Advertisements

About Lafz Admin

Lafzgroup.com

6 comments on “छुप के किरनों में सदा दें तुमको-स्वप्निल तिवारी ‘आतिश’

  1. मेरे साहिल पे न लिक्खी जाओ
    मेरी लहरें न मिटा दें तुमको….waah kya sher hua hai …puri hi ghazal umdah hai badhai

  2. स्वप्निल साहब ! एक तो हमें आपका नाम ही बहुत पसंद है “आतिश”
    दूसरा आप लिखते भी ग़ज़ब हैं।
    लफ़्ज़ के छपे संस्करणों में आपका काम देखा है, बहुत अच्छा जा रहें हैं आप ।
    आपको लेकर कोई शंका नहीं है।
    लगे रहिऐ !

  3. मेरे साहिल पे न लिक्खी जाओ
    मेरी लहरें न मिटा दें तुमको..behatreen she’r hua hai dada…

    रोज़ इक शाम का है ख़र्च इन पर
    ख़ाली कर दें न ये यादें तुमको…bahut umdaa dhang se kafiya baandha hai …

    शहरे-दिल में तो नये हो ग़म तुम
    आओ ये शह्र घुमा दें तुमको..wahhh wahhh…..
    Aur maqte ka to jawab nhi….daad qubule’n
    .sadar pranam
    -Kanha

  4. पूरी ग़ज़ल बाकमाल है स्वप्निल भाई! मतला और इस शेर :’ मेरे साहिल पे न लिक्खी जाओ
    मेरी लहरें न मिटा दें तुमको’ का जवाब नहीं! ढेरों दाद!

Your Opinion is counted, please express yourself about this post. If not a registered member, only type your name in the space provided below comment box - do not type ur email id or web address.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: